नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 124वें एपिसोड में ‘ज्ञान भारतम मिशन’ की शुरुआत की। इस मिशन का उद्देश्य भारत की प्राचीन पांडुलिपियों को डिजिटाइज कर उन्हें संरक्षित करना और देशवासियों को भारत के समृद्ध ज्ञान से जोड़ना है।
क्या है ज्ञान भारतम मिशन?
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह मिशन भारत की प्राचीन बौद्धिक विरासत को संरक्षित रखने की एक ऐतिहासिक पहल है। इसका मकसद है –
1 करोड़ से ज्यादा पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण
इनका डिजिटल संरक्षण
जनता की सुलभ पहुंच बनाना
भारत की आत्मा से जुड़े हैं ये दस्तावेज
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ये सिर्फ पांडुलिपियां नहीं, बल्कि भारत की आत्मा के अमूल्य अध्याय हैं। आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ जरूर मिलना चाहिए।”
बजट में हुआ बड़ा बदलाव
इस मिशन की घोषणा बजट 2025 में की गई थी। पहले इसके लिए ₹3.5 करोड़ का बजट था, जिसे अब बढ़ाकर ₹60 करोड़ कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि भारत की प्राचीन सभ्यता, भाषाओं और संस्कृति को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित किया जाए।
