गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन सगी बहनों की आत्महत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब पता चला है कि तीनों बहनें कोरियन ड्रामा, K-पॉप और ऑनलाइन गेम्स से इतनी ज्यादा प्रभावित थीं कि खुद को कोरियन ही मानने लगी थीं।
स्कूल छोड़ मोबाइल की दुनिया में रहने लगीं
जानकारी के मुताबिक, तीनों बहनों ने कुछ साल पहले स्कूल जाना बंद कर दिया था। दिनभर मोबाइल पर कोरियन ड्रामा देखना और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना उनकी दिनचर्या बन गई थी।
खुद के रख लिए थे कोरियन नाम
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, तीनों बहनें—निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12)—ने सोशल मीडिया पर अपने अकाउंट बनाए हुए थे, जिन पर अच्छे-खासे फॉलोअर्स भी थे।
उन्होंने अपने हिंदी नाम बदलकर कोरियन नाम रख लिए थे—मारिया, एलिजा और सिंडी।
कुछ दिन पहले ही पिता चेतन को इन सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने अकाउंट डिलीट कर दिया और लड़कियों के मोबाइल फोन भी छीन लिए थे।
घर में कोरियन भाषा में करती थीं बात
लड़कियों के कमरे से मिली डायरी और परिवार के बयानों से पता चला है कि तीनों बहनें खुद को पूरी तरह कोरियन मानने लगी थीं।
उन्हें कोरियन लड़के, फिल्में और K-पॉप बेहद पसंद थे। उन्होंने अपना पहनावा और हाव-भाव भी कोरियन स्टाइल का बना लिया था।
तीनों बहनें यूट्यूब पर कोरियन कंटेंट भी अपलोड करती थीं। इतना ही नहीं, उन्होंने कोरियन भाषा सीख ली थी और घर में आपस में उसी भाषा में बातचीत करती थीं। पुलिस के मुताबिक, वे एक तरह से अपनी अलग ही “कोरियन दुनिया” में जी रही थीं।
पिता पर करीब 2 करोड़ का कर्ज
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पिता चेतन पर करीब 2 करोड़ रुपये का कर्ज था। कारोबार में नुकसान होने के कारण आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। माना जा रहा है कि इसी वजह से लड़कियों की पढ़ाई भी छुड़वा दी गई थी।
इसके अलावा, चेतन ने दो शादियां की थीं—पहली पत्नी और दूसरी शादी अपनी साली हिना से। रिपोर्ट के मुताबिक, तीसरी साली भी उसी घर में रहती थी। चेतन के दोनों पत्नियों से कुल 5 बच्चे हैं।
डायरी में क्या लिखा था?
NDTV के अनुसार, लड़कियों की डायरी में लिखा मिला है—
“कोरियन हमारी ज़िंदगी थी, तो तुमने हमसे हमारी ज़िंदगी छीनने की हिम्मत कैसे की? हमें कोरियन और K-पॉप से जितना प्यार था, उतना परिवार से नहीं। अब हमें यकीन हो गया है कि कोरियन और K-पॉप ही हमारी ज़िंदगी हैं।”
जांच में सामने आईं और बातें
तीनों बहनें पढ़ाई में कमजोर थीं और फेल होने के बाद करीब 3 साल से स्कूल नहीं जा रही थीं।
प्राची तीनों में सबसे बड़ी थी और वही फैसले लेती थी। बाकी दोनों बहनें उसी की बात मानती थीं।
तीनों बहनें साथ में खाना, नहाना और रोजमर्रा के काम भी एक साथ करती थीं।
पुलिस को कुछ विरोधाभासी बातें भी मिली हैं, जैसे 9वीं मंजिल से गिरने के बावजूद शवों का दीवार के पास मिलना और पड़ोसियों द्वारा घर में झगड़े की बात कहना।
पुलिस अब हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही पूरे सच का खुलासा होने की उम्मीद है।
