दुर्ग। राज्य सरकार के ऑनलाइन भुइंया एप के जरिए 765 एकड़ सरकारी और निजी जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में संलिप्त पाए जाने पर दो पटवारियों को निलंबित कर दिया गया, जबकि 18 पटवारियों का दूसरे हलकों में तबादला कर दिया गया है।
यह मामला दुर्ग जिले के मुरमुंदा पटवारी हलका से जुड़ा है, जहां मुरमुंदा, अछोटी, चेटुवा और बोरसी गांव में जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी की गई। इनमें आधी जमीन सरकारी और बाकी निजी थी, जिसे फर्जी बटांकन कर अलग-अलग लोगों के नाम दर्ज कर दिया गया। फर्जी रिकॉर्ड के आधार पर कई लोगों ने बैंक से लोन भी ले लिया।
अधिकारियों का मानना है कि इस जमीन घोटाले में बड़ा सिंडिकेट शामिल है, जिसके तार रायपुर, दुर्ग, कोरबा समेत अन्य जिलों से जुड़े हो सकते हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पाटन के पटवारी मनोज नायक और अहिवारा के पटवारी कृष्ण कुमार सिन्हा की आईडी का इस्तेमाल कर रिकॉर्ड में बदलाव किया गया। एनआईसी से जानकारी मिलने के बाद दोनों पटवारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
