CG पुलिस आरक्षक भर्ती परिणाम पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए सैकड़ों अभ्यर्थियों ने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक नियुक्ति आदेश रोके जाएं और लंबित सूची में शामिल अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
अभ्यर्थियों का आरोप: कम अंक वालों का चयन, ज्यादा अंक वाले बाहर
रायपुर में जारी परिणाम के बाद कई अभ्यर्थियों ने दावा किया कि एक ही कैटेगरी में कम अंक वाले उम्मीदवार चयनित हो गए, जबकि अधिक अंक लाने वाले बाहर रह गए।
कुछ अभ्यर्थियों के नाम सामान्य और ओबीसी दोनों प्रतीक्षा सूचियों में दिखाई देने से चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस का आरोप: भर्ती में बड़ा घोटाला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस भर्ती को “बड़ा घोटाला” बताते हुए सरकार पर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि जब लिखित परीक्षा के अंक जारी किए जा सकते हैं, तो शारीरिक परीक्षा के नंबर क्यों नहीं सार्वजनिक किए गए?
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से कराने में असफल हो रही है।
सरकार का जवाब: दोषी पाए गए तो होगी सख्त कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पूर्व सरकार परीक्षा ही आयोजित नहीं करा सकी, जबकि वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया पूरी की है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही विभाग तीन दिनों के भीतर अभ्यर्थियों की शिकायतें सुनकर समाधान करेगा।
CAF भर्ती उम्मीदवार परिजनों संग गृहमंत्री से मिले
छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) भर्ती के कई उम्मीदवार अपने परिजनों के साथ गृहमंत्री विजय शर्मा से मिले।
उन्होंने 2018 की प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग रखी।
इन अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले सात वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
