रायपुर। छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) की वर्ष 2018 की भर्ती प्रक्रिया अब तक पूरी न होने से सैकड़ों युवा अभ्यर्थी निराशा और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) में शामिल उम्मीदवार पिछले 7 वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं।
राजधानी रायपुर के तूता इलाके में लंबे समय से आंदोलन कर रहे CAF अभ्यर्थी शनिवार को लोकपर्व छेरछेरा के अवसर पर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा से उनके सरकारी निवास पर मिलने पहुंचे। अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि इस मुलाकात से कोई ठोस निर्णय निकलेगा, लेकिन मंत्री की ओर से फिलहाल केवल आश्वासन ही मिला।
मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान का भरोसा
गृहमंत्री विजय शर्मा ने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि वे इस गंभीर विषय पर मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। इस आश्वासन के बाद अभ्यर्थी उम्मीद के सहारे लौट गए, हालांकि उनका संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।
“हमारे हिस्से अब भी सिर्फ इंतजार” – अभ्यर्थी जितेंद्र
CAF अभ्यर्थी जितेंद्र दास ने कहा कि वर्ष 2018 में निकली भर्ती आज तक अधूरी है।
उन्होंने बताया,
“हम तीन सरकारें देख चुके हैं — रमन सरकार, भूपेश सरकार और अब साय सरकार। लेकिन हमारे हिस्से अब भी सिर्फ इंतजार ही आया है।”
जितेंद्र ने उम्मीद जताई कि गृहमंत्री विजय शर्मा इस लंबे इंतजार को खत्म करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
417 वेटिंग कैंडिडेट्स का भविष्य अधर में
दरअसल, वर्ष 2018 में CAF भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हुआ था। मेरिट लिस्ट के बाद चयनित अभ्यर्थियों की भर्ती कर ली गई, लेकिन वेटिंग लिस्ट में शामिल 417 उम्मीदवारों को पद खाली न होने का हवाला देकर नियुक्ति नहीं दी गई।
हालांकि, बाद में कई चयनित अभ्यर्थी मेडिकल में अनफिट पाए गए और कुछ ने नौकरी छोड़ दी, जिससे पद रिक्त हुए। इसी बीच सत्ता परिवर्तन हो गया और कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
50% से ज्यादा अभ्यर्थी हुए ओवरएज
समय बीतने के साथ स्थिति और गंभीर हो गई। 417 में से 250 से अधिक अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है। अब ये युवा सरकार से सिर्फ एक स्पष्ट और न्यायसंगत निर्णय की मांग कर रहे हैं।
