Bihar के अरवल जिले में पत्नी की बेरहमी से हत्या करने वाले रिटायर्ड शिक्षक बीरबल प्रसाद को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है।
यह घटना 22 जुलाई 2024 की है, जो उनकी शादी की 57वीं सालगिरह का दिन था। उसी दिन 76 वर्षीय बीरबल प्रसाद ने अपनी 70 साल की पत्नी सुमंती सिन्हा की धारदार हथियार से हत्या कर दी और शव को 12 टुकड़ों में काट दिया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रवि रंजन मिश्रा की अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर इसे बेहद जघन्य अपराध माना। अदालत ने कहा कि यह विश्वास और वैवाहिक रिश्ते को तार-तार करने वाला मामला है और “दुर्लभतम” श्रेणी में आता है, इसलिए दोषी को फांसी की सजा दी जाती है।
पहले भी हो चुकी थी पत्नी की मौत
पुलिस पूछताछ में बीरबल ने बताया था कि 1989 में उसकी पहली पत्नी की आग से मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार के दबाव में उसने सुमंती से शादी की।
शक बना हत्या की वजह
सेवानिवृत्ति के बाद बीरबल गांव में रहने लगा। उसे शक था कि उसकी पत्नी का उसके चाचा के साथ अवैध संबंध है। इसी बात को लेकर दोनों में अक्सर झगड़ा होता था। बताया गया कि वह 2021 से ही पत्नी की हत्या की साजिश रच रहा था।
शादी की सालगिरह के दिन उसने वारदात को अंजाम दिया। उस समय घर में सिर्फ एक बहू मौजूद थी, जिसे उसने कमरे में बंद कर दिया था।
बीरबल प्रसाद के चार बेटे और एक बेटी हैं, सभी की शादी हो चुकी है। फिलहाल वह मंडल कारा जहानाबाद में बंद है।
