
मुंबई। IIT बॉम्बे के पवई कैंपस में 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्रों का गुस्सा सामने आया है। साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में दूसरे वर्ष में पढ़ रहा था। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रशासन से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
मामला परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, साहिल ने प्रश्नपत्र के सवालों के जवाब तलाशने के लिए उसे ChatGPT पर अपलोड किया था। इस दौरान मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़े जाने के बाद विभाग के अध्यक्ष ने उससे बातचीत की थी।
बताया गया कि छात्र को काउंसलिंग दी गई और यह भरोसा दिलाया गया कि परीक्षा में हुई इस घटना का उसके अकादमिक करियर पर असर नहीं पड़ेगा। बातचीत के बाद साहिल हॉस्टल चला गया। बाद में वह अपने कमरे में मृत मिला।
घटना के बाद कैंपस में छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने मामले से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की। छात्रों ने यह भी दावा किया कि साहिल को एक साल के निलंबन की बात कही गई थी। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में उसे हॉस्टल छोड़ना पड़ता और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने में अतिरिक्त समय लग सकता था।
हालांकि, छात्र के मानसिक दबाव में होने या निलंबन के डर को मौत की वजह मानने की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। IIT बॉम्बे ने छात्र के खिलाफ किसी औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात से इनकार किया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी DCP दत्तात्रय नलवड़े के मुताबिक, जांच जारी है और छात्रों के साथ बातचीत के जरिए स्थिति सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। संस्थान ने साहिल के दोस्तों, सहपाठियों और शिक्षकों को जरूरी सहायता देने की बात कही है। कैंपस में सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
प्रदर्शन के बीच छात्रों ने प्रशासन से घटना की पूरी जानकारी सामने रखने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
