
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद जंतर-मंतर विवाद में नया घटनाक्रम सामने आया है। भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली नाबालिग यूट्यूबर ने दावा किया है कि अब उसके परिवार पर घर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है।
लड़की का कहना है कि मकान मालिक ने रात में फोन कर 20 दिन के भीतर मकान खाली करने की बात कही। उसके आरोप के मुताबिक, यह फैसला पुलिस की तरफ से मकान मालिक से संपर्क किए जाने के बाद लिया गया।
सोशल मीडिया विवाद से जंतर-मंतर तक पहुंचा मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद से हुई थी। स्वतंत्र भारद्वाज और लड़की एक-दूसरे को लेकर वीडियो पोस्ट कर रहे थे।
बात तब बिगड़ी जब दोनों जंतर-मंतर पर आमने-सामने आ गए। वहां लड़की के पिता और भारद्वाज के बीच हाथापाई हुई। बाद में पुलिस दोनों को थाने ले गई।
इसके बाद भारद्वाज के एक वीडियो ने मामले को फिर गरमा दिया। उन्होंने मारपीट करने और सिर पर चोट पहुंचाने की बात स्वीकार की। इसके बाद उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद भी विवाद खत्म नहीं
भारद्वाज के जेल जाने के बाद विवाद का असर लड़की के रहने वाली सोसाइटी तक पहुंच गया। लड़की ने घर पर पथराव किए जाने का दावा किया। इसके बाद सोसाइटी के कुछ लोगों ने भी उसके खिलाफ नाराजगी जताई।
लोगों ने लड़की के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर किए गए आपत्तिजनक वीडियो का विरोध किया। कुछ निवासियों का कहना था कि वे नहीं चाहते कि इस तरह के विवाद का असर सोसाइटी के बच्चों पर पड़े।
पुलिस पर लगाया दबाव बनाने का आरोप
अब मकान खाली करने के मामले में लड़की ने पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उसका दावा है कि पुलिसकर्मियों ने मकान मालिक से पूछा था कि उन्होंने ऐसे लोगों को घर कैसे किराए पर दे दिया और वेरिफिकेशन क्यों नहीं कराया।
लड़की का कहना है कि इसके बाद ही मकान मालिक ने परिवार से मकान खाली करने को कहा। हालांकि, परिवार के पास अभी रहने के लिए दूसरी जगह नहीं है। उनका कहना है कि नया घर मिलने के बाद ही मौजूदा मकान खाली किया जाएगा।
