
नई दिल्ली। सत्य निकेतन में PG की इमारत गिरने के हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने MCD को दिल्ली के PG और हॉस्टलों की जांच कर अवैध निर्माण मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ MCD अधिकारियों की मौजूदगी भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सरकार अब यह भी पता लगाएगी कि जिन इमारतों में नियमों का उल्लंघन हुआ, वहां अवैध निर्माण कब कराया गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार था। संबंधित Building Records की जांच के साथ दोषियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
सत्य निकेतन हादसे की जांच में भी पुलिस की कार्रवाई जारी है। PG संचालक सुधांशु को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि उसका साथी शुभम त्यागी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पूछताछ में इमारत मालिक के बेटे महेश बंसल ने बताया था कि अगस्त 2025 से PG को शुभम त्यागी और सुधांशु को Lease पर दिया गया था।
इससे पहले पुलिस ने ठेकेदार सनोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
PG के लिए बन सकते हैं नए नियम
दिल्ली सरकार PG को लेकर नियमों में बदलाव की तैयारी भी कर रही है। इनमें सभी PG का Registration जरूरी करने, CCTV और दूसरी सुरक्षा व्यवस्थाओं को अनिवार्य करने जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
PG के किराए और Security Deposit पर भी नियम बनाए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा PG संचालकों के लिए Police, MCD और स्थानीय प्रशासन से NOC लेने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। India Today के मुताबिक, हर PG को 90 दिनों के भीतर Registration और License लेना होगा।
क्या हुआ था सत्य निकेतन में?
6 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के South Campus के पास सत्य निकेतन में PG की इमारत ढह गई थी। हादसे में 7 लोगों की जान चली गई थी। इनमें 5 छात्र और एक मजदूर शामिल थे।
हादसे के समय इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। जांच में पता चला कि इमारत को बिना अनुमति 5 मंजिल तक बनाया गया था और वहां जरूरी सुरक्षा इंतजाम भी नहीं थे।
