
‘शक्तिमान’ से घर-घर पहचान बनाने वाले अभिनेता मुकेश खन्ना इन दिनों अपने नए देशभक्ति गीत ‘आओ बच्चों’ को लेकर चर्चा में हैं। लेकिन गाने के प्रमोशन के दौरान उन्होंने राष्ट्रगान को लेकर ऐसी मांग कर दी, जिस पर अब बहस शुरू हो गई है। खन्ना ने ‘जन गण मन’ की जगह ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाने की वकालत की है।
तीन साल पुरानी मांग फिर दोहराई
मुकेश खन्ना ने IANS को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने करीब तीन साल पहले भी ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाए जाने की बात कही थी। इस बार उन्होंने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि देश से ‘जन गण मन’ को हटाकर ‘वंदे मातरम’ को लाया जाए।
उन्होंने ‘वंदे मातरम’ को भारतीय भावनाओं से जुड़ा गीत बताते हुए कहा कि “वंदे मातरम हमारा है।”
सात मिनट का गाना भी किया रिकॉर्ड
खन्ना ने बताया कि उन्होंने ‘वंदे मातरम’ का करीब सात मिनट लंबा संस्करण रिकॉर्ड किया है। उनके मुताबिक, वह चाहते हैं कि यह गाना लोगों के बीच एक यादगार और आइकॉनिक प्रस्तुति बने।
उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में उनकी कल्याणजी-आनंदजी से भी मुलाकात हुई थी। अभिनेता ने कहा कि वह लंबे समय से इस विषय पर काम कर रहे हैं।
‘जन गण मन’ को लेकर क्या दावा किया?
राष्ट्रगान बदलने की अपनी मांग के पीछे मुकेश खन्ना ने ‘जन गण मन’ के इतिहास को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यह गीत महारानी एलिजाबेथ की प्रशंसा में लिखा गया था और इसी वजह से वह इसे भारत का राष्ट्रगान बनाए रखने के पक्ष में नहीं हैं।
उन्होंने गीत के शब्दों का जिक्र करते हुए भी अपनी असहमति जाहिर की।
प्रधानमंत्री मोदी का भी किया जिक्र
अभिनेता ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ को बढ़ावा देने की दिशा में काम शुरू हो चुका है।
खन्ना ने दावा किया कि अब स्कूलों और कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ को प्रमुखता दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले इस गीत के कुछ हिस्से ही गाए जाते थे, जबकि अब पूरा गीत गाए जाने को लेकर वह उत्साहित हैं।
‘आओ बच्चों’ से फिर चर्चा में आए
मुकेश खन्ना का नया गीत ‘आओ बच्चों’ भारतीय क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसी गाने के प्रमोशन के दौरान उन्होंने राष्ट्रगान को लेकर अपनी राय सार्वजनिक की।
उनकी मांग के बाद एक बार फिर ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खन्ना ने साफ तौर पर कहा है कि वह ‘जन गण मन’ को हटाकर ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाए जाने के पक्ष में हैं।
