

जब 15 साल की उम्र में बच्चे स्कूल, बोर्ड परीक्षा और करियर की चिंता कर रहे होते हैं, तब बिहार का एक लड़का दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट मंच पर अपना नाम बना रहा था। यह कहानी है वैभव सूर्यवंशी की, जिसने कम उम्र में ही भारतीय क्रिकेट में तहलका मचा दिया।
वैभव सूर्यवंशी का परिचय
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | वैभव सूर्यवंशी |
| जन्म | 27 मार्च 2011 |
| जन्म स्थान | ताजपुर, समस्तीपुर, बिहार |
| उम्र | 15 वर्ष (2026) |
| पिता | संजीव सूर्यवंशी |
| माता | आरती सूर्यवंशी |
| बड़े भाई | उज्ज्वल सूर्यवंशी |
| छोटे भाई | आशीर्वाद सूर्यवंशी |
| बल्लेबाजी शैली | बाएं हाथ के बल्लेबाज |
| टीम | बिहार, राजस्थान रॉयल्स, भारत |
गांव के लड़के से क्रिकेट स्टार तक
वैभव बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव से आते हैं। उनका परिवार बेहद साधारण था। पिता संजीव सूर्यवंशी चाहते थे कि उनका बेटा क्रिकेट में बड़ा नाम कमाए। आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन परिवार ने कभी वैभव के सपनों को छोटा नहीं होने दिया।
कहा जाता है कि जब वैभव 4-5 साल के थे तभी उनके पिता को एहसास हो गया था कि बेटे में कुछ खास है। इसके बाद घर के पीछे ही अभ्यास के लिए नेट तैयार किया गया और घंटों प्रैक्टिस शुरू हुई।
परिवार में कौन-कौन हैं?
वैभव का परिवार उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है।
पिता – संजीव सूर्यवंशी
संजीव सूर्यवंशी ने बेटे के क्रिकेट करियर के लिए काफी त्याग किए। वे अक्सर वैभव को ट्रेनिंग के लिए लंबी दूरी तय कराकर ले जाते थे। कई बार परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने बेटे का साथ नहीं छोड़ा।
माता – आरती सूर्यवंशी
वैभव की मां आरती सूर्यवंशी ने घर की जिम्मेदारियों के साथ बेटे के खान-पान और दिनचर्या का पूरा ध्यान रखा। परिवार के अनुसार वैभव की सफलता में मां का योगदान बहुत बड़ा है।
बड़े भाई – उज्ज्वल सूर्यवंशी
उज्ज्वल परिवार की जिम्मेदारियों में पिता का हाथ बंटाते रहे और वैभव को आगे बढ़ाने में सहयोग करते रहे।
छोटे भाई – आशीर्वाद सूर्यवंशी
आशीर्वाद भी क्रिकेट खेलते हैं। हाल ही में उन्होंने स्थानीय मैचों में शानदार शतक लगाकर सुर्खियां बटोरी हैं। क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि सूर्यवंशी परिवार से एक और क्रिकेटर निकल सकता है।
10वीं बोर्ड परीक्षा क्यों नहीं दी?
2026 में वैभव का नाम तब चर्चा में आया जब उन्होंने CBSE की 10वीं बोर्ड परीक्षा नहीं दी।
उनका एडमिट कार्ड बन चुका था, परीक्षा केंद्र भी तय हो गया था, लेकिन लगातार क्रिकेट टूर्नामेंट, ट्रेनिंग कैंप और राष्ट्रीय टीम की तैयारियों के कारण उन्होंने परीक्षा छोड़ने का फैसला किया। उनके पिता ने भी बताया कि उस समय उनका पूरा ध्यान क्रिकेट पर था।
आईपीएल ने बदल दी जिंदगी
राजस्थान रॉयल्स से जुड़ने के बाद वैभव पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए। उन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया।
उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व दिखाई देते हैं। बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ भी वे बिना डरे आक्रामक शॉट खेलते हैं।
टीम इंडिया तक का सफर
जून 2026 में वैभव सूर्यवंशी को भारत की सीनियर टी20 टीम में आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए चुना गया। मात्र 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का बुलावा मिलना उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ माना जा रहा है। वे भारत के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों में शामिल हो गए।
इतनी कम उम्र होने के कारण BCCI ने उनके माता-पिता को भी दौरे पर साथ भेजने का फैसला किया ताकि वैभव को पारिवारिक सहयोग मिल सके।
वैभव के बारे में रोचक तथ्य
| पहचान | अंडर-19 क्रिकेट |
| बोर्ड परीक्षा | 2026 में नहीं दी |
| आईपीएल टीम | राजस्थान रॉयल्स |
| पसंदीदा भूमिका | ओपनिंग बल्लेबाज |
| सबसे बड़ी उपलब्धि | 15 साल की उम्र में टीम इंडिया चयन |
| परिवार का सपना | भारत के लिए खेलना |
वैभव के पिता का बड़ा सपना
एक इंटरव्यू में उनके पिता ने कहा था कि वे वैभव को तब बड़ा क्रिकेटर मानेंगे जब वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट भी खेलेगा। यही सोच बताती है कि परिवार सिर्फ लोकप्रियता नहीं बल्कि लंबा और सफल क्रिकेट करियर चाहता है।





