

ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने की आशंका है। खबरें हैं कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सोमवार (22 जून 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन अटकलों को खारिज किया है, लेकिन लेबर पार्टी के भीतर बढ़ता विरोध और हालिया विवाद स्टार्मर के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि स्टार्मर अपने भविष्य को लेकर परिवार और करीबी सहयोगियों से चर्चा कर रहे हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को उम्मीद है कि सोमवार तक उनकी स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी।
मैंडेलसन विवाद बना सबसे बड़ी परेशानी
स्टार्मर सरकार की मुश्किलों की सबसे बड़ी वजह पीटर मैंडेलसन विवाद माना जा रहा है। दिसंबर 2024 में उन्हें अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाया गया था, लेकिन बाद में उनके कथित संबंध अमेरिकी अपराधी जेफरी एप्स्टीन से जुड़े होने के आरोप सामने आए।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने भी मैंडेलसन की नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मंजूरी मिल गई। इस मामले ने सरकार की कार्यप्रणाली और स्टार्मर की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए।
पार्टी के अंदर बढ़ा विरोध
स्टार्मर के खिलाफ असंतोष अब उनकी अपनी पार्टी में भी दिखाई दे रहा है। लेबर पार्टी के प्रभावशाली नेता एंडी बर्नहैम की संसद में वापसी के बाद नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, लेबर पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद सार्वजनिक रूप से नए नेतृत्व की मांग कर चुके हैं। इससे स्टार्मर पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
लोकप्रियता में आई भारी गिरावट
2024 के आम चुनाव में बड़ी जीत के बाद स्टार्मर से जनता को काफी उम्मीदें थीं। लेकिन महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति और कई नीतिगत यू-टर्न के कारण उनकी लोकप्रियता तेजी से घटी है।
कई मतदाताओं का मानना है कि सरकार चुनावी वादों को पूरा करने में सफल नहीं रही, जिससे जनता का भरोसा कमजोर हुआ है।
10 साल में 5 ब्रिटिश प्रधानमंत्री दे चुके हैं इस्तीफा
- डेविड कैमरन (2016) – ब्रेक्सिट जनमत संग्रह में हार
- थेरेसा मे (2019) – ब्रेक्सिट समझौता संसद में पास नहीं करा सकीं
- बोरिस जॉनसन (2022) – घोटालों और पार्टी विद्रोह के चलते इस्तीफा
- लिज ट्रस (2022) – आर्थिक नीतियों पर विवाद
- ऋषि सुनक (2024) – आम चुनाव में हार
क्या ब्रिटेन को मिलेगा नया प्रधानमंत्री?
अगर कीर स्टार्मर इस्तीफा देते हैं, तो पिछले 10 वर्षों में ब्रिटेन को अपना सातवां प्रधानमंत्री मिल सकता है। इससे यह दौर देश के सबसे अस्थिर राजनीतिक दौरों में शामिल हो जाएगा। अब सबकी नजर सोमवार के फैसले पर टिकी हुई है।







