जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था की खामियों से एक बार फिर किसान गंभीर मानसिक तनाव में आ गया। नवागढ़ ब्लॉक के कसौंदी गांव में धान नहीं बिकने और समय पर टोकन नहीं कटने से परेशान एक किसान मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया और लोग दहशत में आ गए।
धान बिक्री न होने से टूटा किसान
मिली जानकारी के अनुसार किसान अनिल सूर्यवंशी लंबे समय से धान खरीदी का इंतजार कर रहा था। बार-बार केंद्र के चक्कर काटने के बावजूद उसका टोकन नहीं कट सका। बताया जा रहा है कि किसान पर करीब 1.50 लाख रुपये का कर्ज है, जिसे चुकाने की उसकी आखिरी उम्मीद धान बिक्री से थी।
धान खरीदी का आज अंतिम दिन बताए जाने से किसान की चिंता और बढ़ गई और इसी तनाव में उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया।
टावर पर चढ़ते ही गांव में मचा हड़कंप
जैसे ही किसान मोबाइल टावर पर चढ़ा, पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और किसान को नीचे उतारने की कोशिश शुरू कर दी।
पुलिस और प्रशासन मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की रिस्पॉन्स टीम और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे से किसान को समझाइश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों द्वारा उसे भरोसा दिलाया जा रहा है कि उसकी समस्या का समाधान किया जाएगा और धान खरीदी को लेकर उचित कार्रवाई होगी।
धान खरीदी व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर धान खरीदी प्रणाली, टोकन वितरण और किसानों की परेशानियों को उजागर कर दिया है। किसानों का कहना है कि समय पर टोकन नहीं कटने और खरीदी में देरी के कारण वे भारी मानसिक दबाव में हैं।
