Nalanda-2 Library का निर्माण रायपुर में तेजी से शुरू हो गया है। साइंस कॉलेज मैदान के पास चौपाटी हटने के सिर्फ 20 दिन बाद ही उसी स्थान पर इस नई हाई-टेक लाइब्रेरी का काम शुरू किया गया है। 23 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली यह तीन मंजिला लाइब्रेरी 1000 स्टूडेंट्स को एक साथ पढ़ाई का शांत और बेहतर माहौल देगी।
नगरीय प्रशासन विभाग ने लाइब्रेरी को 18 महीने में तैयार करने के लिए मेसर्स दीपक कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी किया है। निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग नगर निगम के इंजीनियर करेंगे।
बेहतर पढ़ाई का माहौल, कम होगी सीटों की वेटिंग
ऑक्सी रीडिंग जोन और सेंट्रल लाइब्रेरी में सीटों की भारी कमी के कारण हर जगह 500-500 छात्रों की वेटिंग लिस्ट बनी रहती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए Nalanda-2 Library का निर्माण किया जा रहा है।
नई जगह मुख्य रोड से करीब 500 मीटर अंदर है, जिससे यहां शांति व पढ़ाई का बेहतर वातावरण मिलेगा। एजेंसी ने पिलर्स खड़े करने के लिए खुदाई शुरू कर दी है।
चौपाटी हटे 20 दिन, लेकिन अभी नहीं शुरू हुई दुकानें
22 नवंबर को साइंस कॉलेज मैदान के पास की यूथ हब चौपाटी को हटाकर आमानाका ओवरब्रिज के पास वेंडर जोन में शिफ्ट किया गया था।
हालांकि, अभी तक वहां कोई दुकान नहीं खुल पाई है। स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा बिजली, लाइटिंग और पानी की सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। 60 स्टॉलों में बिजली कनेक्शन का काम पूरा हो चुका है, जबकि बोरवेल और पानी सप्लाई का काम जारी है।
10 मीटर चौड़ी और 250 मीटर लंबी हाई-टेक बिल्डिंग
Nalanda-2 Library को 10 मीटर चौड़ाई और 250 मीटर लंबाई में डिजाइन किया गया है। तीन मंजिला इस आधुनिक लाइब्रेरी में 1000 युवाओं के एक साथ पढ़ने की व्यवस्था रहेगी।
नगर निगम के इंजीनियरों ने बताया कि चौपाटी की पार्किंग एरिया को तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लाइब्रेरी की संरचना उसी जगह पर फिट होगी।
छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ: महापौर मीनल चौबे
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि नालंदा परिसर और सेंट्रल लाइब्रेरी में हमेशा भारी वेटिंग रहती है। इसी वजह से 1000 सीटर Nalanda-2 लाइब्रेरी की मंजूरी दी गई है।
यह स्थान राजकुमार कॉलेज, आयुर्वेदिक कॉलेज, एनआईटी, साइंस कॉलेज और पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के बीच होने के कारण सभी छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा।
