

KP Sharma Oli statement: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नेपाल में जारी हिंसक प्रदर्शन के बीच केपी शर्मा ओली ने इस्तीफे के बाद पहला बयान दिया, जिसमें उन्होंने भारत विरोधी सुर बरकरार रखते हुए दावा किया कि भारत पर तीखा हमला करने की वजह से उन्हें सत्ता से हटाया गया।
केपी शर्मा ओली का भारत पर आरोप
केपी शर्मा ओली ने अपनी पार्टी के महासचिव को पत्र लिखकर बताया कि लिपुलेख दर्रा विवाद और अयोध्या पर उनके रुख की वजह से उन्हें पद से हटाया गया। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने संवेदनशील मुद्दों पर भारत को चुनौती नहीं दी होती तो वे सत्ता में बने रहते।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान को लेकर उनका विवादित बयान उनकी राजनीतिक पतन की वजह बना। ओली ने दावा किया कि भगवान राम भारतीय नहीं, बल्कि नेपाली थे और उनका राज्य अयोध्या के बजाय नेपाल में बीरगंज के पश्चिम में था।
लिपुलेख दर्रा विवाद का जिक्र
केपी शर्मा ओली ने लिपुलेख दर्रा को लेकर भी भारत के खिलाफ बयान दिया। नेपाल का दावा है कि लिपुलेख दर्रा और कालापानी क्षेत्र उसका हिस्सा है, जबकि भारत का रुख स्पष्ट है कि यह उत्तराखंड का हिस्सा है। ओली ने कहा कि इसी संवेदनशील मुद्दे पर भारत को चुनौती देने के कारण उन्हें हटाया गया।
सुरक्षा में हैं केपी शर्मा ओली
इस्तीफे के बाद केपी शर्मा ओली फिलहाल नेपाली सेना की सुरक्षा में शिवपुरी बैरक में हैं। उनका भारत विरोधी रुख सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में लगातार वायरल हो रहा है।





