रायपुर। प्रदेश के मंत्री गजेंद्र यादव ने राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर में पूजा अर्चना कर रामदरबार के दर्शन किए। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए बताया कि दुर्ग प्रस्थान से पहले उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, मंगलकामना और छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया।
गजेंद्र यादव का राजनीतिक सफर बेहद रोचक रहा है। साधारण परिवार से आने वाले यादव दुर्ग के विद्युत नगर के एक छोटे से मकान में रहते हैं। छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे और वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री अरुण वोरा को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
गजेंद्र यादव का राजनीतिक सफर
1996: साइंस कॉलेज दुर्ग में बीएससी पढ़ाई के दौरान राजनीति की शुरुआत।
1998: भाजपा ने उन्हें वार्ड अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी।
1999: दुर्ग नगर निगम चुनाव में कचहरी वार्ड से जीत दर्ज की और पांच बार के पार्षद व पूर्व उपमहापौर खेमलाल सिन्हा को हराया।
आगे चलकर उन्होंने भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश सचिव, स्काउट गाइड राज्य आयुक्त जैसे पदों की जिम्मेदारी भी निभाई।
परिवार का आरएसएस से जुड़ाव
गजेंद्र यादव के पिता बिसरा राम यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांत प्रचारक रहे। परिवार का मुख्य व्यवसाय कृषि है। उनके बड़े भाई नरेंद्र यादव दिसंबर 2004 से 2009 तक अहिवारा नगर पंचायत अध्यक्ष रहे। वहीं, उनकी भाभी मंजूलता यादव 2014 से 2019 तक अहिवारा नगर पंचायत अध्यक्ष रहीं और जनता की सेवा की।
