कवर्धा। ग्राम पंचायत दशरंगपुर एक बार फिर विवादों में है। गांव के पूर्व सरपंच राजू खान पर 50 लाख रुपये से ज्यादा के भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। आरोप है कि पंचायत के विकास कार्यों में आए फंड का दुरुपयोग कर फर्जी बिल और नकली काम दिखाकर रकम निकाल ली गई।
RTI से हुआ भ्रष्टाचार का खुलासा
उपसरपंच दुर्गेश साहू ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पंचायत से जानकारी मांगी थी। RTI से मिले दस्तावेजों के आधार पर पता चला कि:
40 साल पुराने बोर खनन के नाम पर पैसा निकाला गया, लेकिन कोई काम नहीं हुआ।
सड़क, पानी टंकी और अन्य कार्यों के नाम पर भी फर्जीवाड़ा किया गया।
ग्रामीणों का आक्रोश, जांच टीम सक्रिय
गांव के लोगों ने इस पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर, जिला पंचायत CEO और जनपद CEO से की है।
इसके बाद जनपद पंचायत की 5 सदस्यीय टीम दशरंगपुर पहुंची और भौतिक सत्यापन और जियो टैगिंग के जरिए जांच शुरू कर दी है।
पूर्व सरपंच का बचाव – बताया राजनीतिक साजिश
पूर्व सरपंच राजू खान ने सभी आरोपों को झूठा और राजनीति से प्रेरित बताया है।
फिलहाल जांच जारी है और गांववालों की नजरें इस पर टिकी हैं कि सच्चाई सामने कब आएगी।
