​              Gautam Gambhir : हीरो कल्चर पर गौतम गंभीर ने कसा तंज.. कहा..'धोनी-कोहली को पूजना बंद करो...',
   
 

Gautam Gambhir : हीरो कल्चर पर गौतम गंभीर ने कसा तंज.. कहा..’धोनी-कोहली को पूजना बंद करो…’,

Mkyadu
3 Min Read
20220920 083538
Gautam Gambhir

दिग्गज क्रिकेटर गौतम गंभीर जो की बेबाकी से अपने बयान रखने के लिए जाने जाते है, ने एक बार फिर से भारतीय क्रिकेट में चल रहे हीरो कल्चर पर सवाल उठाया है. गौतम गंभीर का मानना है कि सभी फैन्स को भारतीय क्रिकेट को ही सबसे अधिक महत्व देना चाहिए, ना कि किन्हीं एक-दो प्लेयर्स को ही पूजना चाहिए.

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टीम इंडिया के पूर्व ओपनर तथा मौजूदा समय में कमेंटेटर की भूमिका निभाने वाले, गौतम गंभीर ने एक बार फिरसे अपने बेबाकी अंदाज से भारतीय क्रिकेट में हीरो कल्चर पर सवाल किया हैं. उनका कहना है कि सभी क्रिकेट फैन्स को किन्ही एक या दो लोगो को ही हीरो की तरह पूजना बंद कर देना चाहिए, यह क्रिकेट के लिए उचित नहीं है. एक इंटरव्यू के दौरान गौतम गंभीर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट को ही असली मॉन्स्टर रहने दीजिए. ड्रेसिंग रूम में कोई और मॉन्स्टर तैयार ना करें,  

उन्होंने आगे कहा कि जब फैंस किसी गिने चुने लोगो को ही पूजना शुरू कर देते हैं, तो उनके आस पास मौजूद सभी  खिलाड़ी वहीं पर समाप्त होने लग जाते हैं और आगे ही नहीं बढ़ पाते हैं. पहले के समय में महेंद्र सिंह धोनी थे और फिर अब विराट कोहली हैं. गौतम गंभीर ने कहा कि जब एशिया कप में विराट कोहली ने शतक लगाया ,तब किसी की भी ओर से गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के शानदार प्रदर्शन की बात ही नहीं की गई. 

पूर्व क्रिकेटर गंभीर ने कहा कि कमेंट्री पैनल में मैं ही एक इकलौता था जिसने बार-बार इस बात का जिक्र किया था कि चार ओवर में मात्र चार ही रन देकर 5 विकेट लेना कोई आसान बात नहीं है. सभी फैंस को हीरो की पूजा करने के चलन से बाहर निकलकर केवल भारतीय क्रिकेट को ही अधिक महत्व देना होगा. 

जब इस बात पर सवाल हुआ कि आखिर ऐसा कल्चर कैसे शुरू हुआ, तब गौतम गंभीर सोशल मीडिया पर काफी भड़क गए. 

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के द्वारा ही ऐसी चीज़ें शुरू की जाती हैं, जहां पर भारी मात्रा में फेक फैन्स मौजूद हैं. सोशल मीडिया पर लोग आपको केवल इसी आधार पे जज कर लेते है कि आपके फॉलोवर्स कितने है.

 गौतम बोले कि 1983 वर्ल्डकप में भारत विजेता बनी थी, उस समय कपिल देव के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था,फिर जब 2007, 2011 वर्ल्डकप जीते, तो भी केवल  टीम के कप्तान को ही अधिक महत्व मिला.

2011 वर्ल्डकप को भी लोग महेंद्र सिंह धोनी के द्वारा खेली गई पारी को ही लेकर याद करते हैं,इस पर भी गौतम गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह पूरी तरह से एक टीम का एफर्ट ही था. 

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