​              Chhattisgarh: वार्षिक प्रणाली हुई समाप्त अब प्राइवेट छात्र भी दिलाएंगे दो बार एक्जाम, सेमेस्टर पद्धति लागू….
   
 

Chhattisgarh: वार्षिक प्रणाली हुई समाप्त अब प्राइवेट छात्र भी दिलाएंगे दो बार एक्जाम, सेमेस्टर पद्धति लागू….

Mkyadu
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Chhattisgarh: राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर चल रही कवायद अब लगभग अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। कमेटियों के द्वारा रिपोर्ट सौंप दी गई है। अब बस उच्च स्तर पर मंजूरी मिलने की देर है फिर इससे जुड़े बिंदु और दिशा-निर्देशों सार्वजनिक होंगे।

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सबसे प्रमुख बदलावों में से एक वार्षिक पद्धति से संचालित होने वाली परीक्षाओं को बंद कर उसके जगह सेमेस्टर पद्धति से परीक्षा आयोजित कराया जाना है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, केवल नियमित छात्रों के लिए ही यह व्यवस्था ना होकर बल्कि प्राइवेट छात्रों के लिए भी रहेगी, अर्थात जो भी छात्र प्राइवेट परीक्षा में शामिल होंगे उन्हें भी साल में दो बार परीक्षा दिलानी पड़ेगी।

वार्षिक परीक्षा पद्धति को पूरी तरह से समाप्त करने की तैयारी चल रही है, शैक्षणिक सत्र 2024-25 से यह नया नियम लागू हो जाएगा।

बतादें की राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू किए जाने के ऐलान के बाद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सिलेबस तथा अन्य नियमों के सही निर्धारण के लिए अलग अलग कमेटियां गठित हुई थी। जिन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदों के अनुरूप छग के संदर्भ में प्रस्ताव तैयार करने निर्देश मिले थे।

यह बैच है आखिरी

जिन भी प्राइवेट छात्रों ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 में परीक्षा दिलाई है. उनकी आगे होने वाली परीक्षाएं भी वार्षिक पद्धति से ही संपन्न कराई जाएगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े नए नियम सत्र 2024 -25 में केवल प्रथम वर्ष के छात्रों पर लागू होगा। और यह बैच जैसे-जैसे आगे बढ़ता जाएगा, उसी तरह से राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रमशः द्वितीय और तृतीय वर्ष के लिए भी लागू होती जायेगी।

अतः इस प्रकार आगे आने वाले दो वर्षों तक विश्वविद्यालयों को सेमेस्टर और वार्षिक दोनों ही पद्धतियों से परीक्षाएं आयोजित करनी पड़ेगी।साथ ही दो सत्रों तक वार्षिक और सेमेस्टर दोनों पद्धति से कक्षाएं भी संचालित होंगी।

प्राइवेट छात्रों को भी मिलेगा लाभ

नई शिक्षा नीति के अनुसार नियमित छात्र यदि किसी कारण से बीच में पढ़ाई छोड़ जाते है तो फिर भी उन्हें उनकी अध्ययन अवधि के अनुसार सर्टिफिकेट, डिप्लोमा तथा डिग्री देने का प्रावधान दिया गया है।

भारी संख्या में ऐसे बहुत से प्राइवेट छात्र रहते हैं, जो एक-दो वर्षों की परीक्षा दिलाने के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसे में अब प्राइवेट छात्रों को भी उनकी अध्ययन अवधि के हिसाब से सर्टिफिकेट, डिप्लोमा तथा डिग्री देने के संबंध में चर्चा जारी है।

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