बुरे दौर से गुजर कर तारक मेहता के 'पोपटलाल' ने पाई सफलता, चॉल में रहते थे...अब हर कोई उनका फैन.. - News4u36

बुरे दौर से गुजर कर तारक मेहता के ‘पोपटलाल’ ने पाई सफलता, चॉल में रहते थे…अब हर कोई उनका फैन..

Mkyadu
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Life Struggle of Tarak Mehta Show actor Shyam Pathak

‘Tarak Mehta ka ooltah chashma’ शो इंडियन टीवी इंडस्ट्री का सबसे ज्यादा चलने वाला और सबसे पॉपुलर शो है, इस शो के हर किरदार को देश का बच्चा भी पहचानता है, इन्हीं में से एक लोगो की दुनिया हिलाने वाला किरदार है पत्रकार पोपटलाल का।

पोपटलाल का छाता प्रेम और उसकी शादी न होना हर एपिसोड में लोगो को ठहाके लगाने पर मजबूत कर देता है, ये तो हुई tv वाले पोपट लाल की बात,लेकिन क्या आप जानते हैं इस किरदार को निभाने वाले अभिनेता श्याम पाठक की असल लाइफ के स्ट्रगल के बारे में…आइए जानते हैं

चॉल में बीते जीवन के 25 साल

एक्टर किसी ठाट बाट वाली फैमिली से नही आते हैं, उनकी फैमिली लोअर मिडिल क्लास से आती है। मुंबई के घाटकोपर में जन्मे पाठक 25 साल तक परिवार के साथ उसी चॉल में पले बढ़े।

अपनी कॉलेज पढ़ाई के वक्त पाठक को थिएटर के बारे में जानकारी मिली।फिर पाठक ने निर्णय कर लिया कि उनको एक्टर बनना है,लेकिन ये सब कैसे होगा यह वे नहीं जानते थे।

Shyam Pathak ने कपड़े की दुकान में किया काम(Shyam Pathak worked in a clothes shop)

इसी दौरान एक्टर श्याम पाठक का परिवार फाइनेंशियल प्रोब्लम से जूझ रहा था। इसी के चलते अपने परिवार की सहायता करने और अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए उन्होंने कपड़े के दुकान में काम करना शुरू किया।

एक इंटरव्यू में एक्टर ने कहा था, ‘कई बार ऐसा भी हुआ जब मेरी क्लास की कुछ लड़कियां अपने पैरेंट्स के साथ उसी दुकान पर आ जाती थीं जहां मैं काम करता था।इससे मुझे बेहद शर्मिंदगी महसूस होती थी। हालांकि, उस दौर ने मुझे काफी कुछ सिखाया।’

बैरी जॉन को लिखा लेटर, बिना पैसों के अटैंड की क्लास

 पाठक ने नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (NCPA) में अपनी किस्मत आजमाया,इसके बाद एक्टर किसी इंस्टीट्यूट से अभिनय सीखना चाहते थे लेकिन इसके लिए उनके पास पैसे नहीं थे।

उसी बीच इनको बैरी जॉन और उनके ग्रुप के बारे में कुछ जानकारी मिली। पाठक के पास पैसे नहीं थे तो उन्होंने बैरी को एक पत्र लिखा, बैरी ने दया दिखाते हुए उन्हें फ्री में अपने कोर्स की एक सीट दे दी, पाठक भी उनकी क्लास अटैंड करने दिल्ली निकल पड़े।

स्ट्रगल ने नहीं छोड़ा श्याम पाठक का पीछा(Struggle did not stop chasing Shyam Pathak)

जब एक्टर की दिल्ली से मुंबई वापसी हुई तो भी पाठक का स्ट्रगल जारी रहा। कइयों टीवी शोज और नाटक में उन्होंने परफॉर्म किया। उनका पहला टीवी शो रहा ‘एक चाबी है पड़ोस में’। फिर सोनपरी, जासुबेन जयंतिलाला जोशी की जॉइंट फैमिली जैसे कई शो से उनका करियर धीरे धीरे आगे बढ़ता गया।

Tarak Mehta शो ने दिलाई पहचान

खुद के मेहनत के दम पर श्याम कई टीवी शोज में अभिनय करते रहे। जिसके बाद साल 2008 में उन्हें ‘Tarak Mehta ka ooltah chashma’ शो में पत्रकार पोपटलाल का रोल मिला।

 इसके बाद जैसे जैसे शो आगे बढ़ा तो उस शो का हर सदस्य। घर घर में पहचाना जाने लगा, पाठक ने रेशमी से साल 2003 में शादी रचाई। इनके तीन बच्चे हैं, जिनमे दो लड़के और एक लड़की है।

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